1️⃣ हादसे के 33 सेकंड – एक जिंदगी बदल देने वाली घड़ी
Air India Plane Crash Moments: 12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरते ही AI171 ने महज़ 33 सेकंड में ही तीव्र गति खो दी और शहर के रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह वह पल था जब कई की ज़िंदगियाँ अचानक रुक गईं—बस एक यात्री की किस्मत बाकी रह गई। Air India Plane Crash Moments
2️⃣ सीट 11A – ज़िंदगी बचाने वाली जगह-Air India Plane Crash Moments
विष्वश कुमार रामेश, जो कि सीट 11A पर बैठे थे (खिड़की के पास, इमरजेंसी एग्ज़िट के नज़दीक), उन्होंने विमान फटते ही महसूस किया कि उनका सीट व्यवस्था टूट गई और वे खुद सुरक्षित तौर पर बाहर निकल सके ।
3️⃣ “मैं मरने जा रहा था…” – पहली प्रतिक्रिया और हॉस्पिटल बिस्तर से बातें
दॉपटवर DD News को विष्वश ने बताया: Air India Plane Crash Moments
“मेरी आँख खुली और मुझे एहसास हुआ कि मैं जिंदा हूं। मैंने देखा चारों ओर लोग मर रहे थे—हवा में राख और आग का माहौल था।”

4️⃣ दुश्मनी नहीं, केवल मुसीबत – हादसे की स्थिति(Air India Plane Crash Moments)
विमान ने हवा में रहते हुए झटके महसूस किए, तापमान और रोशनी गड़बड़ा गई और विमान कुछ ही पलों में BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और आसपास के ईमारतों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया ।
5️⃣ चारों ओर अराजकता – भगदड़ और बचाव अभियान
धुआँ, मलबा और चीखें—वहीं विष्वश ने बताया कि वे रेत-बूट भरे मलबे को पार करते हुए बाहर निकले और किसी ने उन्हें एम्बुलेंस तक पहुँचाया ।
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6️⃣ प्रधानमंत्री का दौरा – दिलासा और बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पताल पहुंचकर विष्वश से बात की, उन्हें स्वस्थ होने की कामना की और पूछा:
“कैसे बचे?”
विष्वश ने बताया कि वह ठीक है ।
7️⃣ एक अद्भुत तक़दीर – सीट ने रक्षा की
विष्वश का कहना है कि उनकी सीट टूटी और उन्हें विमान के मलबे से बाहर फेंक दिया गया, जो जान बचाने वाला क़दम साबित हुआ ।
🔎 हॉस्पिटल तक का सफर: दर्द, आश्चर्य और राहत
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- ब्रिटिश वाहनता – 40 वर्षीय विष्वश, भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं, जो लंदन में परिवार के पास जा रहे थे
गंभीर चोट – चेस्ट, आँख और पैरों में चोटें थीं, लेकिन वे अब स्थिर बताए गए ।
- जेहान दर्द का खामोश गवाह – उन्होंने कहा: “कुछ पता नहीं मैं कैसे बच गया”
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- ब्रिटिश वाहनता – 40 वर्षीय विष्वश, भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं, जो लंदन में परिवार के पास जा रहे थे
🧾 10 FAQs: ‘Air India plane crash moments’
1. किस पल का वर्णन विष्वश ने किया?
विमान फटते ही उन्होंने देखा—“मैं मरने वाला हूँ,” फिर अपनी आँख खोली और पाया कि वे जिंदा हैं ।
2. किस सीट पर थे विष्वश?
सीट 11A पर—खिड़की वाले हिस्से और पास में इमरजेंसी एग्जिट था।
3. कितने लोग सवार थे और कितने जीवित बचे?
विमान में कुल 242 लोग थे—230 यात्री व 12 कर्मी। 241 मरे, केवल 1 बचे।
4. हादसा कहां हुआ?
विमान टेकऑफ़ के 33 सेकंड बाद, अहमदाबाद के पास BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में गिरा
5. घायल विष्वश की स्थिति कैसी है?
वह स्थिर हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं ।
6. PM ने उनसे क्या पूछा?
प्रधानमंत्री ने उनके स्वास्थ्य व कैसे बचे, यह पूछा; विष्वश ने कहा, “मैं ठीक हूँ” ।
7. उनका परिवार क्या प्रतिक्रिया दे रहा है?
उनकी ब्रिटेन की फैमिली चिंतित है, खासकर उनके भाई के लिए, जो विमान पर था ।
8. सीट मजबूती का क्या असर?
विष्वश की सीट टूटकर मलबे से बाहर फेंकी गई, जिससे वे बच पाए ।
9. क्या अन्य देशों के नागरिक भी थे?
हाँ—169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई सवार था
10. हादसे की जांच कब शुरू होगी?
DGCA और एयरलाइन जल्द जांच शुरू करेगी; बुडिंग्स, ब्लैक बॉक्स और रडार डाटा की समीक्षा की जा रही है।
🕊️ निष्कर्ष – एक चमत्कार, एक दर्द
“Air India plane crash moments” केवल एक दुर्घटना नहीं, यह विष्वश कुमार रामेश की ज़िंदगी की चमत्कारी कहानी है—33 सेकंड में बिखरने वाली उड़ान जिसमें एक सीट ने उसकी जान बचाई। यह लेख हम सभी को याद दिलाता है कि ज़िंदगी कभी भी चमत्कार दिखा सकती है, और उस एक मुस्कान और उम्मीद से हम कभी पीछे नहीं हटा सकते।