🌍 परिचय: 12 दिन की वह जंग जिसने दुनिया को हिला दिया
Conflict Between Israel and Iran: 13 जून 2025 को शुरू हुआ Israel और Iran के बीच संघर्ष (conflict between Israel and Iran) अब इतिहास के सबसे घातक टकरावों में गिना जा रहा है।
इस 12-दिनों तक चले सैन्य युद्ध ने हजारों लोगों की ज़िंदगियों को बदल कर रख दिया।
जहाँ एक ओर इज़रायल ने ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य ठिकानों पर हमला किया, वहीं ईरान ने भी इज़रायली शहरों पर भारी मिसाइल वर्षा की।
इस युद्ध में सिर्फ सैनिक नहीं, बल्कि आम नागरिक, डॉक्टर, महिलाएं और बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए।
🔥 मुख्य घटनाएं बिंदुवार: Conflict Between Israel and Iran
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13 जून 2025 – इज़रायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए।
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100+ स्थानों पर बमबारी – जिसमें सैन्य भवनों के साथ रिहायशी क्षेत्र भी शामिल थे।
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ईरान की जवाबी कार्रवाई – सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें इज़रायल पर दागी गईं।
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22 जून – अमेरिका ने भी सैन्य कार्रवाई में भाग लिया।
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24 जून – ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया।
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24 जून को संघर्ष विराम (Ceasefire) अमेरिका के हस्तक्षेप से हुआ।

🏥 ईरान में मानव क्षति और विनाश
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में भारी जान-माल की हानि हुई:
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कुल घायल: 4,746 (185 महिलाएं शामिल)
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कुल मृतक: 610 (जिसमें 49 महिलाएं और 13 बच्चे शामिल)
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स्वास्थ्यकर्मी घायल: 20
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स्वास्थ्यकर्मी मृत: 5
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नष्ट हुए वाहन: 9 एंबुलेंस
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नष्ट हुए अस्पताल: 7
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आपातकालीन आधार केंद्रों को नुकसान: 6
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उत्तर की ओर पलायन: लगभग 90 लाख लोग, खासकर तेहरान से
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🧍♂️ ज़ीन की कहानी: युद्ध का मानव चेहरा-Conflict Between Israel and Iran
ज़ीन (34 वर्ष), जो तेहरान में रहते हैं, कहते हैं:
“हमारे इलाके के पास कई मिलिट्री ज़ोन थे। चेतावनियों के बाद हमें वहाँ बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं हुआ। पूरा शहर दहशत में था।”
वे अपनी कार से मज़ंदरान प्रांत की ओर भागे, जहाँ उन्होंने 16 घंटे का लंबा सफर तय किया।
“ये मेरा पहला अनुभव था इतने भयंकर युद्ध का। घर छोड़ते समय दिमाग़ में सिर्फ एक डर था – क्या हम वापस लौट पाएंगे? क्या हमारा घर बचेगा भी?”
🧨 इज़रायल के हमले कितने व्यापक थे?
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अल जज़ीरा की Sanad फैक्ट-चेक एजेंसी के अनुसार, इज़रायल और अमेरिका ने कम से कम 145 हवाई हमले किए।
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ACLED संस्था के अनुसार, यह आंकड़ा 508 हमलों तक पहुंच सकता है।
इन हमलों में ईरान के नैटांज़ (Natanz), फोर्डो (Fordow) और इस्फ़हान (Isfahan) स्थित परमाणु ठिकानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
🌐 अमेरिका की भूमिका(Conflict Between Israel and Iran)
22 जून को अमेरिका ने इस संघर्ष में खुलकर हस्तक्षेप किया। अमेरिका ने बंकर-बस्टर बमों से ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया।
इसके बाद, ईरान ने कतर में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े एयरबेस पर मिसाइल हमले किए। यही हमला सीज़फायर की प्रमुख वजह बना।
🙏 संघर्ष का मानवीय पहलू
बम और मिसाइलें सिर्फ दीवारों को नहीं तोड़तीं, वे लोगों के सपने, घर और भविष्य भी उजाड़ देती हैं।
इस युद्ध में न सिर्फ सैनिकों की जान गई, बल्कि नागरिक, डॉक्टर, बच्चे, गर्भवती महिलाएं भी मारे गए। अस्पतालों और एंबुलेंस को नुकसान पहुँचना किसी भी मानवाधिकार उल्लंघन से कम नहीं।
🤔 10 महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके जवाब (FAQs)-Conflict Between Israel and Iran
1. यह युद्ध कब शुरू हुआ था?
👉 13 जून 2025 को इज़रायल के हवाई हमलों के साथ युद्ध की शुरुआत हुई।
2. इस संघर्ष की मुख्य वजह क्या थी?
👉 इज़रायल का दावा था कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार तैयार कर रहा है। इसी कारण उसके सैन्य और न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाया गया।
3. क्या अमेरिका ने भी युद्ध में भाग लिया?
👉 हाँ, 22 जून से अमेरिका ने भी ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर बमबारी की।
4. ईरान ने कैसे जवाब दिया?
👉 ईरान ने सैकड़ों मिसाइलें इज़रायल के शहरों पर दागीं और अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया।
5. ईरान में कितनी जनहानि हुई?
👉 610 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें 49 महिलाएं और 13 बच्चे थे। 4,746 लोग घायल हुए।
6. लोगों ने कहाँ शरण ली?
👉 करीब 90 लाख लोग तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों से कास्पियन सागर के किनारे उत्तर की ओर भागे।
7. क्या रिहायशी इलाकों पर हमला हुआ?
👉 हाँ, इज़रायली हवाई हमलों में कई रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया।
8. क्या अभी युद्ध समाप्त हो चुका है?
👉 24 जून को अमेरिका की मध्यस्थता से एक अस्थायी संघर्षविराम लागू हुआ है, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
9. अस्पतालों और चिकित्सा सेवाओं को कितना नुकसान हुआ?
👉 7 अस्पताल, 9 एंबुलेंस, 6 इमरजेंसी बेस और 4 स्वास्थ्य इकाइयाँ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
10. क्या भविष्य में संघर्ष दोबारा भड़क सकता है?
👉 संभावना है। अगर दोनों पक्ष शांति वार्ता नहीं करते, तो यह टकराव दोबारा बड़े युद्ध में बदल सकता है।
🕊️ निष्कर्ष: क्या यह अंत है या शुरुआत?(Conflict Between Israel and Iran)
conflict between Israel and Iran अब केवल दो देशों का सैन्य संघर्ष नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है।
जहाँ एक ओर राजनीतिक स्वार्थ और सामरिक दबाव हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की जान और भविष्य दांव पर हैं।
“हमें बमों की नहीं, बातचीत की ज़रूरत है। लड़ाई नहीं, समझदारी चाहिए।”
अगर समय रहते शांति की ओर कदम नहीं बढ़ाए गए, तो अगला युद्ध और भी विनाशकारी हो सकता है। Conflict Between Israel and Iran